नगीना-कोतवाली मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज की मांग पिछले कई दशकों से लंबित है। जनप्रतिनिधियों और रेलवे प्रशासन की लगातार उदासीनता के कारण यह जरूरी परियोजना आज भी कागजों में सिमटी हुई है। हावड़ा-जम्मू तवी मुख्य रेल लाइन पर स्थित इस फाटक पर दिनभर में 100 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है, जिससे घंटों लंबा जाम लगता है और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
2009 में नगीना लोकसभा सीट के गठन के बाद अब तक चार सांसद चुने जा चुके हैं। हर सांसद अलग-अलग राजनीतिक दलों से आया, लेकिन इस जन-समस्या पर कोई भी सार्थक पहल नहीं कर सका। कांग्रेस के अजीजुर रहमान, बहुजन समाज पार्टी की ओमवती, समाजवादी पार्टी के मनोज पारस और अब आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद सांसद रह चुके हैं। इनमें से चंद्रशेखर आजाद ने संसद में इस मुद्दे को कई बार जोरदार तरीके से उठाया है, लेकिन केंद्र सरकार और रेलवे प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
गंभीर समस्याएं, जान-माल को खतरा
यह रेलवे क्रॉसिंग नगीना से बिजनौर जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित है। फाटक बंद होने पर न सिर्फ स्थानीय लोग, बल्कि बाहरी वाहन चालक भी घंटों जाम में फंस जाते हैं। खासतौर पर गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में जानलेवा देरी होती है। स्कूली बच्चों की बसें और कॉलेज जाने वाली छात्राएं कड़ी धूप और बारिश में लंबे समय तक जाम में फंसी रहती हैं। व्यापार और रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
रेल मंत्री का आश्वासन भी हवा में
4 मार्च 2023 को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नगीना में एक प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया से बातचीत में स्पष्ट रूप से कहा था कि कोतवाली मार्ग स्थित रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का काम स्वीकृत हो चुका है। लेकिन मंत्री की इस घोषणा के तीन साल बाद भी जमीन पर काम शुरू होने के कोई संकेत नहीं हैं। रेल विभाग देशभर में फाटकों पर ओवरब्रिज बनाने का दावा करता है, लेकिन नगीना के इस फाटक पर अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई।
स्थानीय लोगों की आवाज
- नगीना के युवा व्यापारी अविरल मित्तल ने कहा, “रेल विभाग हर फाटक पर ओवरब्रिज बनाने का दावा करता है, लेकिन नगीना-कोतवाली मार्ग पर स्थित इस फाटक पर मांग दशकों से अधूरी पड़ी है।”
- व्यापारी नेता अब्दुल कय्यूम राईन ने कहा, “रेलवे अधिकारियों को तुरंत इस फाटक पर ओवरब्रिज बनवाना चाहिए। रोजाना फाटक बंद होने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है।”
- एलआरएस महिला महाविद्यालय के प्रबंधक राकेश अग्रवाल ने बताया, “प्रतिदिन कॉलेज आने वाली छात्राओं को फाटक बंद होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रेल विभाग को नगीना की जनता की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए ओवरब्रिज का काम जल्द शुरू करना चाहिए।”
- आसपा नेता आरिफ मलिक ने कहा, “यह मांग बहुत पुरानी है, लेकिन आज तक इसका समाधान नहीं हुआ। स्थानीय लोगों को रोजाना इस समस्या से जूझना पड़ रहा है।”
अब सवाल यह है...
नगीना लोकसभा क्षेत्र के चार सांसद, प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके जनप्रतिनिधि और रेल मंत्री का सार्वजनिक आश्वासन — सब कुछ होने के बावजूद ओवरब्रिज का काम शुरू क्यों नहीं हो पा रहा है? क्या नगीना की जनता को इस बुनियादी सुविधा के लिए और इंतजार करना पड़ेगा? नगीना की जनता अब उम्मीद करती है कि सांसद चंद्रशेखर आजाद और रेल मंत्रालय इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाएंगे और जल्द ही ओवरब्रिज निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा, ताकि नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही इस पीड़ा का अंत हो सके।
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